पढ़ना पढ़ो तो ऐसे पढ़ो की दुनिया देखती रह जाए student motivation

पढ़ना

पढ़ना, Hello दोस्तों में आपको बताऊगाँ की पढ़े तो पढ़े कैसे ?दोस्तों वैसे तो पढ़ना सभी लोग जानते हैं फिर भी पूछते हैं कि पढ़े कैसे?

 

छोड़िए ऐसे बातों को और देखें पढ़ते कैसे है। पढ़ना एक कला है पढ़ना सब की बस की बात नहीं है ऐसे कुछ लोग बोलते हैं लेकिन मैं बोलता हूँ। 
कि पढ़ना सबके बस की बात है इसके लिए आपको पुरा article पढ़ना होगा। पढ़ने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि शांति और ध्यान से पढ़ना। इस लेख में निम्नलिखित बिंदु पर बात करेंगे।              
 1. क्या मैं पढ़ सकता हूँ?                                             
2. पढ़ने के लिए क्या क्या जरूरी है।
3. पढ़ने का सही नियम (time table) क्या है। और    
4. कुछ महत्वपूर्ण बातें।

1. मेरा पहला सवाल है कि क्या मैं पढ़ सकता हूँ।

जी हाँ आप पढ़ सकते हैं जैसा कि मैं बता चुका हूँ कि पढ़ना एक कला है और कोई भी कला सिखाई जा सकती है बर्सते आपके अंदर कुछ करने का लगन और इच्छा हो। किसी ने सच कहा है।           

मंजिले उनको मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, होंसलो से उड़ान होती है।

2. दूसरा सवाल है कि पढ़ने के लिए क्या क्या जरूरी है।

 

पढ़ने के लिए सबसे पहले आपको एक माहौल बनानी होगी यानी आपको एक जगह खोजना होगा जहाँ आप अच्छा से पढ़ सके। वहाँ आपके पास एक टेबल और एक कुर्सी  की जरुरत पढ़ती है जहाँ आप आसानी से पढ़ सके। ध्यान रखें आपके  टेबल पर हमेंशा पेंसिल, कटर और मिटाने वाला होना चाहिए। जो आपको पढ़ते वक्त line खींचने काम आयेगा।    

3. तीसरा सवाल  है कि पढ़ने का सही नियम क्या है।

 

देखो दोस्तों इस सवाल का जवाब देने से पहले आपको बताना चाहता हूँ कि किसी भी competition या exam पास करने के लिए 5 से 7 घंटे  पर्याप्त है। अब सवाल पर आते हैं पढ़े कब क्या time table होना चाहिए। सबसे अच्छा समय है कि आप सुबह 4-7 और शाम 5-8/6-9 बजे तक पढ़े तथा एक घंटा  कभी भी पढ सकते हैं।  

 

और अधिक समय आपके पास है तो आप कुछ पढ़े, खेले, फिल्म देखे या कुछ अच्छा कार्य करें। और कोई भी कार्य करे पुरे लगन से करे। जैसे फिल्म देखना है तो पुरे ध्यान से देखें, समझे।                      

 4. और कुछ महत्वपूर्ण बातें।

 

पढ़ने का मतलब यह नहीं है कि मैं ias या ips या army  या सरकारी नौकरी ही करू या बनू। पढ़ने का मुख्य उद्देश्य  यह होना चाहिए कि हमें शिक्षित होना है और शिक्षा का मुख्य उद्देश्य भी यही है।
किसी भी महान कार्य को करने के लिए या Exam पास करने के लिए जरुरी है।  आत्मविश्वास, ध्येय और लगन।     
पढ़ना
तो दोस्तो आप जब पढे़, जब भी पढ़े, कभी भी पढ़े पुरे time table के साथ और पुरे जोश और पुरे दिल खोल कर पढ़े।  
मुझे भोपाल के शायर बशीर बद्र जी की पंक्तियाँ याद आ रही है।                                                                  
कोई भी कोशिश नाका़म यूँ जाती नहीं,    मंजिले न भी मिली तो, फासले घट जाएँगी।  

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Author: Singh

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